Pitra Samiksha पितृ समीक्षा (Hindi) by Madhusudan Ojha and Devidutt Sharma (1991) पितृ समीक्षा (अनुवाद) पण्डित मधुसूदन ओझा ग्रन्थमाला – 2 ऋग्वेद के अनुसार लोक भेद से तीन प्रकार के पितर होते हैं-पर, मध्यम और अवर। इन्हें दिव्यपितृ, ऋतुपितृ तथा प्रेतपितृ भी कहा जाता है। इनकी मूल प्रकृति में भेद के कारण ये आग्नेय, याम्य […]
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